予測不能なライド:ピソラガルからムンシャリへのロードチャレンジ | インターセプター650 カップルバイクライド
सफर इंसान को सच में बदल देता है। जो सुबह शहरों में हमें बोझ लगती थी, आज वही सुबह नए सपनों का दरवाजा खोल रही है। तो बोरिया बिस्तरा बांध हम निकल गए हैं पित्तौड़ागढ़ से मुंसियारी के उन सफेद ख्वाबों की तरफ जहां पहाड़ों का सुकून और हवाओं का गीत सफर को भी शायरी बना देता है। नहीं ठीक है ये दिखा रहा है मुंसियारी डाला है ना तूने बस फिर हम मुंसियारी ही पहुंचेंगे तो कर दिया है चेक आउट हमने अपने रूम से और निकल पड़े हम मुंसियारी की तरफ टाइम हो रहा है 10:34 अभी कुछ टाइम पहले वॉग देख रहा था धारचुला आदि कैलाश यह सब तो एक मन में आया था कि यार यहां जाना है और आज धारचुला वाली रोड पे ही बाइक चला रहे तो इसलिए जो हम सोचते हैं ना और हमारी इंटेंशंस क्लियर हो उसके पीछे तो भाई साहब चीजें पूरी हो जाती हैं। यह देख लो। और इतना अमेजिंग इतना अमेजिंग रूट अब यहां से ये बनता जा रहा है ना क्योंकि यार हमारे को तो बचपन से ही शौक है गाड़ियों और बाइकों का और कोई दूसरा शौक ही नहीं है। और लो भाई ये लो ये देखो मिट्योर के कपड़े सूख रहे हैं। गली मोहल्ले में कोई बाइक आती थी ना मुझे याद है। FG जब लॉन्च हुई थी FZ जिसको बोलते हैं तो उसका पीछे वाला टायर बहुत मोटा था भाई। है ना? बड़ा था। वाइड टायर था। तो कोई भैया अपनी मम्मी को बिठाकर लेकर जा रहे थे वहां हमारी गली में। हम गली में खेल रहे थे। और स्कूल टाइम की बात है। मतलब अगर मैं गलत नहीं हूं तो मैं एथ नाइंथ में हऊंगा। तो तब क्या हुआ? वो टायर देखा ना तो ऐसा लगा भाई यह कौन सी फ्यूचरिस्टिक सी बाइक है क्योंकि वो नेकेड थी उस टाइम। वो कुछ नया सा उन्होंने वो किया था। ऐसा लगा भाई यह क्या है? और यकीन मानो हम उन भैया के घर तक पीछे-पीछे गए। भैया गायब हो गए ना तो हमने गलियों में मैं और मेरा एक दोस्त था। हमने गलियों में पीछे-पीछे जाकर वो घर ढूंढा। वो बाइक देखी और वो निहार के आए और इतनी खुशी हुई। इतनी खुशी हुई मतलब यही बताना चाह रहा हूं कि बचपन से ही इन चीजों का क्रेज है। और आज जब वो चीज पूरी होती है ना तो आ हा हा हा जो स्वाद आता है ना उसका कोई कोई मोल ही नहीं है। वो अनमोल है सच में। [संगीत] हम बातें करते-करते थोड़ा सा कट गलत ले गए। यहां से घुमा लेते हैं। यहां से भी जा सकते हैं। [संगीत] जोलजीबी जोल जीबी से जाना है हमारे को अंकल जी ने बोला था मुंसियारी रास्ता है देखने वाला दो रास्ते जाते हैं कल नाम याद नहीं आ रहा था ये ब्यूटी कल मिस कर रहे थे हम ना ये ग्रीनरी वाली तो यहां रुके हैं मुझे आवाज देके भैया नॉनवेज भी रखते हो सब है। अरे ऐसे ही बैठे होते हैं सेम। बाय भाई कालू शेरू सारे कॉमन नेम ले लिए। कुछ नहीं है इसका नेम। तो यहां से तो हमने ब्रेकफास्ट नहीं किया। दो रीज़ थे। एक था पल्लवी ने देखा अंडे की ट्रे पड़ी हुई है। ठीक है। और दूसरा था कि सिर्फ दाल, चावल और दाल रोटी टाइप्स ही था इनके पास। हमने कहा पराठे परेठे कुछ। कह रहे नहीं ऐसा कुछ नहीं है। तो इसलिए अब सोचा आगे कहीं रुकेंगे। आज पहली बार अपनी भूख से सौदा करने का मन कर रहा है और सोच रहा हूं क्यों ना सीधा मुंशियारी जाकर ही रुका जाए। ये पहाड़ है ना भाई साहब हरेभरे। यही पहाड़ अच्छे लगते हैं मुझे। रुके क्या दो-चार मिनट? यार अब लेट हो जाएंगे ज्यादा। अभी चलते हैं। अभी खाना भी खाने के लिए रुकेंगे ना। चलो ठीक है। तक जा रही है वो। यहां से ऐसेसे घूम के मुझे लग रहा है वहीं कहीं जाना है। ये पूरी ये वहां तक दिख रही है सड़क ना ऐसे जाते हुए। और लग तो रहा है यही रहा है कि यही वाली है जिगजैग जिगजैग पर सर के काबिले तारीफ है यहां शुद्ध शाकाहारी ये आ रहा है शुद्ध शाकाहारी अच्छा हम चाह रहे थे यहां से यहां बैठना भैया है भैया ने कहा मैं बाहर लगा दूं पल्लवी के चेहरे की खुशी [संगीत] ये मस्त और इधर देखो मैं मैं मस्त नहीं हूं। अबे चल चल चल इधर देखो। यह वैसे पूरे खेत है ना? हां हां ये देखो। मैं नाम नहीं ले रही क्योंकि मुझे नींबू भी लग रहे और संतरे भी संतरा यहां कुछ भी संतरा हो सकता है। कुछ भी कीनू हो सकता है और कुछ भी नींबू हो सकता है। मैं अभी कुछ अंदर देख कर आया हूं। पल्लवी को दिखाने लेकर जा रहा हूं। क्या है? हम यहां क्यों रुके हैं? क्यों रुके हैं? हर चीज का एक मकसद होता है। ओके। इधर आ इधर आ। जरा रिएक्शन देखना अभी इसका। [संगीत] अब ये लो आप लोग भी देखो। मैं तो ध्यान ही नहीं दिया था। मैंने भी नहीं दिया था। अपने बाबा जी हैं यहां पर। एवरीथिंग इज कनेक्टेड। सॉरी मैं बहुत बड़ा पराठा है। मैंने दो नहीं मंगाई शुगर। स्वाद होगा तो। भैया, ये भांग की चटनी होती है। जी जी। लो जी फाइनली वो भांग। ये भांग वाली चटनी भी फाइनली मिल गई। तुम अपने लिए अब कुछ मंगा लो। ये पूरा मेरा साथ में छोले की सब्जी भी मिली है। मुझे बोला था राजमा है किसी ने तो देख तो ढंग से तो दूसरों की थाली में ना ऐसी नजर मारनी पड़ती है फटाफट कि उन्हें ऐसा ना लगे कि हम झांक ताक कर रहे हैं कुछ। नजर ना झांक ताक कुछ नहीं होता। ताक झांक इस नजारे के साथ ये खाना जीवन में और क्या चाहिए यार? इसी शांति की तलाश में मैं आई थी। गरमागरम खाना और सामने दूर बर्फीले पहाड़। कभी-कभी लगता है जिंदगी का असली स्वाद इन्हीं छोटे पर सच्चे पलों में छुपा है यार। तो जहां भी हमने खाना खाया है काफी देर से यहां रुके हुए हैं। तो भैया कह रहे हैं कि रूम्स भी देख लो। और नेक्स्ट टाइम आप आओ तो जरूर सेवा का मौका देना। और सबसे अमेजिंग बात ये है भैया ये आदि कैलाश के पर्वत है या उस साइड ही है। सर ये गढ़वाल का नंदा देवी वाली बर्फ वाले ही दिख रहे हैं ये तो ये हां ये बद्रीनाथ वाला इलाका है। अच्छा बद्रीनाथ वाला है ये और इसी साइड में ये आदि कैलाश भी है ना वैसे आदि कला इस तरफ आएगा अच्छा इस तरफ आएगा दिख रहा होगा ये इसके पीछे इसके पीछे दिख जाएगा अच्छा अच्छा अच्छा तो ये बद्रीनाथ वाली साइड है और इसके पीछे आदि कैलाश वाली साइड है काफी अच्छा व्यू है इनके इधर से अब रूम्स देख कर आते हैं कि आपको भी इजी रहे नेक्स्ट टाइम नाइस काफी साफ सुथरे और जैसे जहां हम गए थे तो वहां एक अजीब सी स्मेल थी। यहां एक एरोमा मेंटेन किया हुआ है। लाइम का लग रहा है मुझे जो बहुत अच्छा वो कर रहा है। जैसे ये लगा रखा है ना ऊपर इन्होंने और यहीं खिड़की से वो व्यू भी है। ये वाशरूम छोटा है बट साफ सुथरा है। अभी दो ही रूम है भैया। दो रूम है। अच्छा अच्छा दो रूम्स हैं। ये भी है ये खिड़की से भी और लंच डिनर तो सब आपका यहां पर ब्रेकफास्ट है ही। हां जी। हां जी। हां जी। वो सारा सेपरेट है। वो इंक्लूडेड नहीं है। सिर्फ रूम चार्जेस है ₹1200। चल ओके भैया। बाय-ब मजा आ गया। शिव की पूरी कृपा रही। शिव कृपा होम स्टे में हमने अच्छे से खाना पीना खाया। भैया एक और थे। उनको बाय करना था यार। वो दिखे नहीं यहां तो वो कुछ किचन खाना बना रहे हैं वो। और ये भैया आर्मी से रिटायर्ड हुए हैं अभी 2020 में। चलो चलते हैं मुंशहरी फटाफट। अभी भी है 3 घंटे 15 मिनट। काफी देर रुक गए हम यहां पर। अरे पल्लवी पल्लवी ये कौन था? मैं पूछ रहा हूं। इतना मुक्का मारूंगी ना पीछे से ही। अरे कौन था मैं यह पूछ रहा हूं। प्यारी समझ गई। वाओ वाओ वाओ वाओ व्यू देखो गाइस। जबरदस्त जबरदस्त सोच से परे खूबसूरती। हां जो मैं नीचे से कह रहा था ना जिगजैग जा रहा है। ये रहा वो रास्ता। यही है भाई साहब। यही है। वो बिल्कुल नीचे से दिख रही थी ये वाली सड़कें। बहुत सुंदर बना रखा है भाई। बहुत सुंदर। वो वहां कहीं से हम आ रहे हैं। चंदूस्ट फूड खाना खाना तो चंदू का ही खाना। क्योंकि चंदू है चैंपियन। ओए होए होए होए होए बड़ी बात बोल गई पल्लवी। जहां जानवर है वहां गंदगी नहीं है। गंदगी वहीं है जहां इंसान है। धारचुला 75 जय हो जय हो रास्ते मुश्किल होते जा रहे हैं जैसे-जैसे ऊपर जा रहे हैं। मुश्किल तो हो रहे हैं पर खूबसूरती भी हां खूबसूरती बढ़ती जा रही है और ये जैसे ही हम ऊपर आए हैं थोड़ा सा बिल्कुल ही रास्ता छोटू सा हो गया है। नैरो पंगे ले लिए हमने तगड़े पंगे ले लिए। पेट्रोल नहीं है और अभी तक कोई पेट्रोल पंप दिखा भी नहीं है। अब किसी से पूछते हैं कि आगे पेट्रोल पंप है या कैसे करें अगर खत्म हो जाता है तो। ओ भाई साहब यहां पर देखो ये पूरा नीचे गया हुआ है। हम है जगह है जगह। ये पूरा नीचे गया हुआ है यहां से। ये देखो गाइज। अभी पता नहीं दिखेगा नहीं दिखेगा। छुप गए बादलों में। अरे वो तो वो पूरे पहाड़ दिख रहे हैं यहां से। यहां से दिखेंगे अभी सामने देखना वो देखो [संगीत] रे बद्रीनाथ जी हैं वो वहां पर ओ भाई साहब ऐसा कुछ सोचा नहीं कभी देखकर ऐसा हो जाता है ओए होए होए होए होए होए मजा आ गए जी मजो आ गयो तन मन रू सब खुश हो गयो जी मजो आ गयो जी मजो आ गयो अब से हमें जब भी कुछ अच्छा दिखेगा तो हम यही गाएंगे ठीक है पल्लवी ये गाना है हमारे उसका मजो आ गयो जी मजो आ गयो तन मन रू सब खुश हो गयो जी मजो आ गयो पल्लवी कह रही है पीछे तुम्हारे तुम्हारे नाम का गांव है। मेरे को लगा यार साहिल तो मैंने कहीं पढ़ा नहीं। कह रही ढीट बहुत जुबान चलती है इसकी। बहुत जुबान यहां आके थोड़ी रोड बंपी हो गई है एकदम से। कुडुक कुडुक ऐसे उछल रहे हैं हम। भैया आगे जाके पेट्रोल पंप आएगा कोई? 20 कि.मी. आ जाएगा। ठीक है। धन्यवाद भैया। यह काम चल रहा है भाई साहब। ओगला किधर जाना है यार? नीचे से पता लगे कोई पेट्रोल पंप ही ना आए। एक बार देख लेता हूं रुक के। दो रास्ते हैं। वि रास्ते टू गो। भाई। नीचे से पेट्रोल पंप नहीं आया तो पंगा पड़ जाएगा। बात समझो। जिंदगी सवार लूं। एक नई बहार हूं। दुनिया ही बदल दूं मैं तो प्यारा सा चमत्कार हूं। भाई साहब एसडी कार्ड भी हमारा फुल हो गया था। ज्यादा बड़ा तो नहीं था। 128 GB वाला ही था। तो फुल हो गया। और Dजी 5 Pro ने फिर एक और बार हमारा साथ दिया। इसमें इंटरनल स्टोरेज आती है। अब हम उस इंटरनल स्टोरेज इंस्टटनल बोल रहा हूं। इंटरनल स्टोरेज को यूज़ करेंगे और उसमें हमारे पास अभी पूरा एक घंटा बचा हुआ है और नेक्स्ट टाइम लेके आएंगे कम से कम 512 या 1 TB का कार्ड ये 128 से तो कुछ नहीं होना भाई इतनी सुंदर वादियां है मन ही नहीं करता कैमरा बंद करने का मैसेज आ गया पल्लवी को कहां का वेलकम टू नेपाल वेलकम नेशनल भी जा सकते हैं वेलकम टू नेपाल का मैसेज आया अभी फोन पे ना तो यहां से लगता होगा कहीं ना कहीं यहीं से तो भाई साहब अब हम ये भी बोलेंगे इंटरनेशनल बाइक चला के आए हैं इंटरनेशनल अभी ये वाली फिर असली वाली भी चलाएंगे [संगीत] [प्रशंसा] यही तो है भाई नेचर की खूबसूरती कैमरा पता नहीं कितना जस्टिफाई कर रहा होगा बट भाई अगर मौका मिले तो जरूर घूमो फिरो करो और ऐसी जगहों पर आओ। हां ये देखो ये भी परछावा ही है। पूछूं पेट्रोल पंप का कोई है? इनसे पूछता हूं। अंकल जी पेट्रोल पंप आएगा आगे कहीं? 5 कि.मी. आगे 5 कि.मी. ठीक है। धन्यवाद जी। 5 कि.मी. आगे पेट्रोल पंप। बस 5 कि.मी. और साथ दे देंगे। [संगीत] तो यह वाला पेट्रोल पंप अब इसके बाद मुंसियारी है और धारचुला मिलेगा अगर आप उस साइड में जा रहे हैं सीधा तो यहां भरवा सकते हैं। ओगला के आगे ही था यह। है ना? अब इसके बाद सीधा मुंशियारी जाकर तो यही कह रहे थे कि बेटर है कि यहीं पर फुल करा लो क्योंकि आगे जाके वैसे तो मिल ही जाएगा। बट कम पेट्रोल पंप हो जाते हैं। फिर ब्लैक में मिलता है तो वो और ज्यादा खतरनाक है। अब हमने अपना टैंक फुल करवा लिया है। मतलब बाइक का टैंक पल्लवी कह रही है अपना टैंक। अपना भी हो गया फुल। आलू का पराठा खा के। तो वी हैव डिसाइडेड कि थोड़ी देर यहां रुकते हैं। बड़ा अच्छा सा व्यू आ रहा था। पीछे पूरा पहाड़ दिख रहे हैं। अब मुझे ये लगता है जैसे हमें मुंसियारी पहुंचना है या कहीं पर भी पहुंचना है तो वो तो एक डेस्टिनेशन है ना। हां। वो तो हम पहुंच जाएंगे जैसे बट जो पहुंचने का रास्ता है वो लगता है वो एंजॉय ज्यादा करना चाहिए। और मुझे भी यही लगता है। क्योंकि फिर जाने पता है क्या होगा? लोग क्या करते हैं स्ट्रेस में? अबे वहां जाना है। वहां होटल बुक किया हुआ है। ये है वो है। टाइम पे पहुंच निकलना भी है। ये बातें सारी छूट जाती है। हां। ये जो बीच में रुक के एकदम आइसोलेटेड प्लेस कोई नहीं। यहां जो आनंद है वो अलग ही है। मुझे आ रही है पर आ नहीं रही। तुम्हारे साथ होता है ऐसे। हां हां होता है। सबके साथ होता है। तू इंसान ही है? और क्या है? मुझे लगा मैं देवी हूं। देवी ओए होए होए ये क्या जगह है यार ये ऐसे कितने सिनेमैटिक से शॉट आते होंगे ना अगर वैसे बना मस्त पत्थर गिरने का भय है सावधानी से चले और कितने पत्थर गिरे हुए हैं वो वो देख नदी नीचे वाओ हां हां कोई दिक्कत नहीं है आराम आराम से ही चल रहे हैं ये मिट्टी वो फिसलने वाली है ना तुमसे मिली नजर के मेरे होश उड़ गए। ओह वाओ यह पत्थर देख। सामने से कितनी प्यारी लग रही है। सच में ऐसा सीनिक व्यू आज तक नहीं देखा था। था वो ये भी छोटे-छोटे झरने आ रहे हैं। वाह यार वो जो नीचे पानी का आ रहा है ना मैं देख नहीं सकता क्योंकि मेरे को सड़क पे भी ध्यान रखना है। पर कसम से माइंड ब्लोइंग माइंड ब्लोइंग मजा आ गया। मजा आ गया। मजा आ गया। जो हम ऊपर से देख रहे थे। ये देखो। वाओ। सो ब्रेथ टेकिंग व्यू ब्र। एक जाएगा धारचुला एक जाएगा मुंसहारी तो हम चलेंगे लेफ्ट राइट था धारचुला यहां से हो जाते हैं हमारे रास्ते अलग-अलग उस साइड से आएगा ना वो आधी कैलाश का रास्ता ओ नदी के साथ-साथ ये वो लगा 360 ऊपर करके वाओ वाओ वाओ वाओ वाओ मुझे तो लग रहा है गाना ही नहीं रुकेगा ये वाला मेरा मजो आ गए हो रे मजा और ये क्या रास्ता है यार ये रास्ता देखना कितना प्यारा है। मुंशियारी का हर मोड़ जैसे एक नई धड़कन जोड़ रहा था। पहाड़ सुंदर होते गए और हमारी चाहत और बेचैन होने लगी। नीचे पानी का भाव बहुत ज्यादा है। भाई साहब एक ये लोग हैं। हम कहते हैं ना हम लैपटॉप पे काम करा पर हमारी गर्दनें दर्द हो गई। एक ये लोग हैं। पीछे एक आंटी थी। उनकी ऐज थी 68 70 के करीब। जहां हम रुके थे ना वो जा रहे थे ऊपर तो उनसे बात कर रहा था मैं। ऐसे ही लेके जा रहे थे सामान से। और कह रहे हैं हम तो पता नहीं कब से लेके जा रहे हैं। हमें मतलब इन चीजों का कुछ पता ही नहीं रहता। ओए ये दो नदियां मिल रही है क्या यहां आ के? ये देखो दो अलग-अलग जगह से आ रही है नदियां। एक वहां से और एक वहां से। ओ वो रास्ता देख साइड से। वो आंटियां जा रही है वो सामने। रास्ता देखो। और कितना ऊपर बड़ा पहाड़ है भाई साहब। छोटू सा रास्ता है। एकदम। [संगीत] [प्रशंसा] ये पत्थर-वत्थर ऊपर से ही गिर के आते हैं इसमें। ये देख एक ये भी आ रखा है ऊपर से। ओए होए होए। ये देखो। यह भी ऐसे पूरा टूटा हुआ है। और यह वो टिपिकल गांव है जो अच्छा लग रहा है देख के। और रास्ते इतने प्यारे, इतने खूबसूरत हैं कि भाई जिसका कोई हिसाब ही नहीं है। ओ ये पेड़ देख। अजब गजब। यह देखो सूरज की ऐसे लाइट कैसे इस पहाड़ पे आ रही है। और एक इल्लुजन सा क्रिएट हो रहा है मेरे को। तो कि जैसे पहाड़ पीछे जाते जा रहा है। वहां से आ रही है लाइट। ये देखो फर्स्ट टाइम मैं भी इतनी सुंदर चीजें देख रहा हूं लाइफ में। ये खूबसूरत वादियों का नजारा लेते हुए आनंद आ रहा है यहां बाइक चला के। समय हो चुका है 3:18 और रास्ता बचा है 48 कि.मी. जो कि हम पहुंचेंगे 1 घंटा 30 में। अंकल जी साइकिल से निकले हैं और कितना चेहरे पर खुशी देख के उनको हेलो करने का मन कर गया। सुंदरता अल्ट्रा pro मैक्स ओए होए होए ओए होए होए होए अबे ये कैसा कट है भाई साहब ये रेसिंग वाला फील आ गया एकदम से और छोटी है सड़क बहुत पर अल्टीमेट है यार ऐसी सड़क पे आज तक बाइक नहीं चलाई मजा आ गया मजा आ गया [संगीत] ये सड़कों को ये पुल बना बना के इन्होंने वो करा है कनेक्ट या ये जो पानी आया होगा ना नीचे इसने सड़कों को तोड़ दिया होगा अब ये लोहे के पुल बना के उसको खड़ा किया है दोबारा से ओए क्या गिरा कुछ गिरा गिरा गिरा गिरा गिरा गिरा पानी की बोतल गिरी और ये देखो पल्लवी शर्मा से चला भी नहीं जा पानी खत्म है बोतल में। इधर से देख लो। पर अभी जो हम बात कर रहे हैं ना वो बात पे हमें भी तो गौर करना है। सिर्फ बात करने को नहीं करनी। वो देखो लेकर आ रही है। यह देखा पानी कितना है। पानी देखो खत्म है। पर यही हम लापरवाही करते। अभी इसको छोड़ देते और बातें कैमरे पे बड़ी-बड़ी कर देते। चलो चलो जी। चलो भाई साहब इतनी तो सीनरिया भी खूबसूरत नहीं होती जितने यहां नज़ारे हमें मिल रहे हैं। मतलब बिल्कुल ऐसा लग रहा है प्लेन में आ गए हम। वैसे उस पे जा ही नहीं रहे। पहाड़ों में है ही नहीं। ओ वाओ वो देखो। वाओ वाओ वाओ एकदम नजदीक आ गए पानी के। यह बह के सारा यह बह के सारा यहां से आया। यहां से यहां पर गया। यह देखो यह सारा जब वो तबाही मची थी ना ये देखो वाटर क्रॉसिंग छोटू सी ये रास्ता भाई साहब आज तक का सबसे खूबसूरत सबसे मजेदार रास्ता है। अब आने वाला है भंगा पानी बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन को सल्यूट है भाई साहब सल्यूट जिसे कहते हैं ना सल्यूट दिल से रिस्पेक्ट वो देखो अगर दिख रहा हो ना एक वो वाटरफॉल आ रहा वो वहां से बहुत छोटा सा दिख रहा है वो सामने से अभी तक हमारा यहां पर ना हमारे पास सारे वो हैं Jio के हैं एक हमारा यहां पर Vodafone का चल रहा है सिर्फ वही चल रहा है भाई अचंभव ये देखो गाइस पहाड़ पूरा का पूरा नीचे आ रखा है ये अब ये अलग लेवल की सुंदरता है यहां पर वो देखो भाई साहब वाटरफॉल बस हम वहीं पहुंचने वाले हैं मुंसियारी 32 मडक 10 हां बहुत बड़ा है यार ये। हां और दूर से कितना छोटा लग रहा था। मैसिव यार मैसिव ऐसे ऐसे नहीं लग रहा दूध गिर रहा है। भेज ना दो चार किलो घर के लिए। हां चल ना थोड़ी देर रुक जाते हैं। अरे नहीं नहीं नहीं फिर यार आगे के लिए लेट हो जाएंगे। आगे भी ऐसा कुछ ना कुछ आई होप मिलेगा। यार अभी भी 1 घंटा 5 मिनट है यार पहुंचने में। बहुत लेट हो रहे हैं हम। चलो कोई नहीं। देखो गाइस अब इसे कहते हैं हां सुकून। हमारे लिए पानी का झरना देखना ही काफी था। पर उसके नीचे से बाइक को लेकर निकलना लगा जैसे सफर ने हमें अपनी कहानी का हीरो ही बना दिया। [संगीत] यह मडकोट के अंदर-अंदर से अंदर अंदर से रास्ता निकलते हुए और यह है फापा। पापा फापा। ओए ये तो मैं नीचे देखना ही भूल गया ऊपर देखता देखता ये देखो जी ये तो बिल्कुल ही जगह नहीं है निकलने की भी ओ हो हो ये देखो भाई कैसी सी सड़क है एकदम नीचे स्लोप 90° का। लुक एट दिस व्यू। लुक एट दिस व्यू। देखो गाइस नीचे इधर भी देखो। ओ हो हो हो। [संगीत] हां। हां अब तो हाथ एकदम वो हो रहे हैं। फ्रीज हो रहे हैं। सही बात है। नीचे अभी यही बोल रही थी। स्वेटर बेफालतू में ही ले आए। इतनी तो ठंड नहीं है। और अब हाथ ऐसे हो रहे हैं कि अब एक भैया मिल गए हैं। वो कह रहे हैं कि मेरा एक होम स्टे है। वो देख लो। फिर उसके बाद बता देना अगर आपको पसंद आता है क्योंकि मैं दूसरे होम स्टे पे जा रहा हूं। ये रहे आगे-आगे। खुद ही चलते-चलते पूछ लिया इन्होंने। हमने कहा ठीक है भाई दिखा दो एक बार समझ आएगा तो ले लेंगे अच्छा यही है [संगीत] तो यहां से अभी हमारे को 1 किलोमीटर इन्होंने हमें बोला ₹2000 का रूम और अभी कह रहे हैं कि 1000 तक मैं लगा दूंगा अगर तुम तीन-चार दिन रुकोगे तो देखते हैं एक बार आगे चलते हैं उसके बाद अगर वहां कुछ नहीं समझ आया तो यहां आएंगे रूम्स इतने क्लीन वाशरूम इतना क्लीन व्यू इतना प्यारा बहुत ही अच्छा बहुत ही अच्छा अपनी सीट की पेटी बांधे रखें हम पहुंचने वाले हैं मुंसहारी सीन ये है ना कि मेरी क्लासेस है मैंने पहले भी बताया है ना तो मेरे को लगता है मैं 2:00 बजे तक तो ऑक्यूपाइड ही रहूंगा 2:00 से बाद भी शायद रहूंगा 3:00 बजे तक ऑक्यूपाइड रहूंगा तो जो टाइम मिलेगा वो 3 घंटे का मिलेगा रोज घूमने का ओ ले फिर इसकी भी ऑनलाइन कुछ क्लास है तो हम तो बिल्कुल ये ऑक्युपाइड वाला उसमें है कि हम एक टाइम से हम सिर्फ यहीं यहीं स्टे करने आए ये आ गया मुंशीहारी इधर भी है इधर भी है ओए ये देखो भाई ये क्या है व्हाट इज दिस ब्रो हम वहां बैठ के हां और उन्होंने यही बोला था ना ये पंजाबी के बाहर हां हां हां शिट मैन अनबिलीव वेबल भाई बहुत ही सुंदर तो मुझे लगता है हमें फिर से वापस ही जाना पड़ेगा यहां कुछ है नहीं तो यार और है क्या यहां फिर 7% बैटरी और यहां ये यार ये जाली सी आ रही है बीच में आप ये देखो यार कैसे हो सकता है ये पंचाचुली है ये पंचाचुली है सामने देखो यार तो यहां पर वो बोल रहे हैं कि यहां तो आपको कोई शुद्ध शाकाहारी नहीं मिलेगा। अभी आप क्या करो? यहां से ऊपर चले जाओ और दो-ती मिनट में आप ऊपर बस स्टैंड है। वहां पर आसपास खाने पीने का आपको मिलेगा। वहां ट्राई कर लो एक बार। थोड़ी चहल-पहल वहां मिलेगी। यहां आज कुछ कह रहे हैं अर्ली क्लोजिंग है दुकान की ना सबकी। तो हम भी बंद कर रहे हैं और टाइम टाइम देख रहे हो आप क्या हो रहा है ये लोग भाई साहब यार मेरा ये फ़ हां इसी फ़ ने साथ दिया हमारा ये देख के तो सच में ही सब कुछ ही भूल जाते हैं हम हां बस स्टे अब यहां से दो रास्ते किस साइड जाएं उन्होंने कहा नहीं ऊपर हां यही होगा ना फिर हां ये आया ना वो वाला जो मैं कह रहा था तुझे एरिया लिया वो स्टार्टिंग थी भाई मुंशियारी की ये देख अब आया ना तो हमने डिसाइड करा कि हम बस स्टैंड के पास ही अपना रूम लेंगे। पहले इस किचन से हमने बहुत ही स्वादिष्ट घर का खाना खाया। अब इस किचन के साइड में लेफ्ट हैंड साइड में जो बिल्डिंग है उधर हमने अपना रूम बुक कर दिया है। और आपसे मिलेंगे अब नेक्स्ट ब्लॉग में। तब तक हमारे चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें और अपना ध्यान रखें। बाय-ब। [संगीत]
✨ Pithoragarh to Munsyari – Day 2 | Couple Bike Ride on Interceptor 650 | CoupleSyappa ✨
Welcome back to CoupleSyappa! 💑🏍️
This is Day 2 of our thrilling Delhi to Munsyari bike trip on our Royal Enfield Interceptor 650, and today we ride through one of Uttarakhand’s most beautiful and dramatic routes — Pithoragarh to Munsyari! 🌄❄️
From majestic mountains to fresh pine forests, twisty Himalayan roads to breathtaking viewpoints — this day had everything a biker and travel lover dreams of. The weather kept surprising us, but so did the beauty! ❤️
👉 Highlights of this vlog:
✔️ Early morning ride from Pithoragarh
✔️ Stunning Himalayan landscapes
✔️ Couple moments on the road 💑
✔️ Riding the Interceptor 650 through sharp curves
✔️ Reaching the magical town of Munsyari — Gateway to Panchachuli Peaks
✔️ Food, fun, travel chaos & pure Syappa 😄
If you love travel vlogs, bike rides, couple adventures, or just want to experience the mountains with us — this one’s for you!
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2件のコメント
Awesomely awesome!
Beautiful🙌😍